ग्रामीण महिला उत्थान संस्था महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह का गठन एवं संचालन करती है। स्वयं सहायता समूह ऐसे छोटे समूह होते हैं, जिनमें समान सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि की महिलाएं एकत्र होकर नियमित बचत करती हैं, आपसी सहयोग को बढ़ावा देती हैं तथा सामूहिक रूप से विभिन्न आजीविका गतिविधियों में भाग लेती हैं। यह पहल महिलाओं को वित्तीय संसाधनों तक पहुंच प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करती है।
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को बचत, ऋण प्रबंधन, उद्यमिता विकास, वित्तीय साक्षरता तथा नेतृत्व क्षमता से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। इन समूहों के द्वारा महिलाएं छोटे व्यवसाय स्थापित करने, आय बढ़ाने तथा अपने परिवार और समुदाय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम बनती हैं। साथ ही, यह मंच महिलाओं को अपने अधिकारों, सामाजिक मुद्दों और सामुदायिक विकास गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का अवसर भी प्रदान करता है।